रायपुर, 27 नवंबर 2025।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति, पुनर्वास और आत्मनिर्भरता को मजबूती देने के लिए जिला प्रशासन लगातार प्रभावी कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में आज नारायणपुर जिले में नक्सलवादी आत्मसमर्पित, पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति 2025 के तहत एक अहम पहल साकार हुई, जहाँ 79 प्रशिक्षणार्थियों को कौशल प्रशिक्षण पूर्ण करने पर कुल 10 लाख 33 हजार 965 रुपये की प्रोत्साहन राशि चेक के रूप में वितरित की गई।

यह सभी युवा जिला कौशल विकास प्राधिकरण और लाइवलीहुड कॉलेज नारायणपुर द्वारा प्रशिक्षित किए गए थे और ड्राइविंग, प्लंबिंग, सिलाई सहित विभिन्न आजीविका आधारित ट्रेड्स में दक्षता प्राप्त कर मुख्यधारा में शामिल होने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा चुके हैं।


🌱 दुर्गम इलाकों से आए युवाओं की नई उम्मीद

ये 79 प्रशिक्षणार्थी सोनपुर, अबूझमाड़ और कोंडागांव जैसे अत्यंत सुदूर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से आते हैं। वर्षों तक हिंसा की छाया में जीने के बाद इन युवाओं ने आत्मसमर्पण कर नई शुरुआत का रास्ता चुना है। प्रशिक्षण पूरा होने के साथ वे अब आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

कार्यक्रम में जिला कलेक्टर ने युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह प्रोत्साहन राशि उनके परिवार की बुनियादी जरूरतों, बच्चों की शिक्षा और कृषि या अन्य रोजगार गतिविधियों में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी।


👩‍🧵 महिला प्रशिक्षणार्थियों के लिए विशेष संदेश

कलेक्टर ने महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जुड़कर सिलाई कार्य को संगठित रूप से बढ़ाने और उत्पादन क्षमता विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि संगठित प्रयास न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करेंगे, बल्कि गांवों में छोटे उद्योगों को भी बढ़ावा देंगे।


🔧 प्लंबिंग प्रशिक्षण वाले युवाओं के लिए ग्रामीण अवसर

प्लंबिंग प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को ग्रामीण इलाकों में नलकूप स्थापना, मरम्मत और जलसुविधा से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा दी गई। इससे गांवों में बेहतर सेवाएँ उपलब्ध होंगी और युवाओं को स्थायी रोजगार भी प्राप्त होगा।


🔐 ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों पर चेतावनी

कलेक्टर ने युवाओं को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की सलाह देते हुए कहा:

  • किसी भी अनजान कॉल या लिंक पर भरोसा न करें
  • OTP, ATM PIN या बैंक जानकारी साझा न करें
  • संदिग्ध स्थिति में तुरंत बैंक या प्रशासन को सूचित करें

🎉 मुख्यधारा में लौटने की प्रेरक शुरुआत

कार्यक्रम के अंत में सभी 79 प्रशिक्षणार्थियों को प्रोत्साहन राशि के चेक वितरित किए गए। जिला प्रशासन की यह पहल न केवल आत्मसमर्पित नक्सलियों को सम्मानजनक जीवन दे रही है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव और स्थायी शांति की राह भी खोल रही है।

इस अवसर पर जिला प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे और सभी ने युवाओं की नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएँ दीं।

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