रायपुर। NIT चौपाटी शिफ्टिंग विवाद एक बार फिर गरमाता दिखाई दिया है। बुधवार को युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रायपुर शहर के कई प्रमुख चौक-चौराहों पर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने भाजपा विधायक राजेश मूणत के पोस्टर पर कालिख पोतकर अपना आक्रोश जताया।
यह विरोध तब तेज हुआ जब चौपाटी हटाने के बाद भी दुकानदारों का मुद्दा सुलझ नहीं पाया है।


विरोध का केंद्र: रोजगार छिनने का आरोप

युवा कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि विधायक राजेश मूणत के दबाव पर NIT चौपाटी को हटाया गया। आंदोलनकारियों का कहना है कि चौपाटी हटने से न सिर्फ 60 दुकानदारों का रोजगार प्रभावित हुआ, बल्कि कई युवाओं की रोज़ी-रोटी भी छिन गई।

उनका कहना है कि—

  • कार्रवाई बिना विकल्प और संवाद के की गई
  • दुकानदारों को अभी तक स्पष्ट स्थाई जगह नहीं मिली
  • नई लोकेशन आमानाका को युवा और दुकानदार “कमज़ोर स्थान” बता रहे हैं

कई दुकानदारों ने यह भी बताया कि नई जगह पर footfall लगभग न के बराबर है, जिससे कमाई कठिन हो गई है।


शहर के प्रमुख स्थानों पर पोस्टर काला, विरोध से बढ़ी हलचल

कार्यकर्ता सुबह से ही रायपुर के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पहुंच गए। फ्लेक्स, बैनर और बड़े होर्डिंग्स पर कालिख पोतकर उन्होंने चौपाटी शिफ्टिंग के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई।
इससे शहर में राजनीतिक हलचल बढ़ गई और आम लोग भी इस विवाद को लेकर चर्चा करते दिखाई दिए।


NIT चौपाटी विवाद: कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?

22 नवंबर को आमानाका इलाके में चौपाटी हटाने को लेकर भारी हंगामा हुआ था।
नगर निगम ने शुक्रवार देर रात से ही कार्रवाई शुरू कर दी थी, जिसके बाद कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय और उनके समर्थकों ने धरना देकर विरोध जताया।

यह चौपाटी कांग्रेस सरकार के दौरान बनाई गई थी। तब भी भाजपा नेता राजेश मूणत ने इसका विरोध किया था।
अब भाजपा सरकार आने के बाद इसे हटाने और शिफ्ट करने का फैसला लिया गया।


मूणत का जवाब: “चौपाटी नियमों के खिलाफ बनी थी”

रायपुर पश्चिम के विधायक राजेश मूणत ने कहा कि कांग्रेस सरकार में बनाई गई चौपाटी नियमों का उल्लंघन करते हुए बनाई गई थी।
उनके अनुसार—

  • यूथ हब के नाम पर 60 दुकानें खोलना गलत था
  • जमीन स्मार्ट सिटी की नहीं थी
  • कोर्ट में पहले ही तय हुआ था कि नई जगह मिलने पर दुकानें हटाई जाएंगी

उन्होंने दावा किया कि चौपाटी की जगह पर 1000 सीट वाला नालंदा परिसर-2 बनाया जाएगा, जिससे छात्रों को बेहतर सुविधा मिलेगी।


शिफ्टिंग के बाद भी विवाद कायम—अब आगे क्या?

चौपाटी को हटाकर आमानाका में स्थानांतरित किया गया है, लेकिन जमीन को लेकर रेलवे और नगर निगम के बीच अभी भी विवाद जारी है।
दुकानदारों को स्थिर लोकेशन और उचित व्यवस्था नहीं मिलने से असमंजस बरकरार है।

भाजपा नेताओं का कहना है कि चौपाटी निर्माण में हुई गड़बड़ी की जांच चल रही है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Reply

Trending

Discover more from Aaj Ki Janta

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading