CG News: देशभर के 12 राज्यों में इन दिनों मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया तेजी से चल रही है। छत्तीसगढ़ में भी यह कार्य प्रगति पर है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को और अधिक पारदर्शी, सटीक और निष्पक्ष बनाना है ताकि लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत हो सके। इसी क्रम में मतदाताओं के घर-घर गणना पत्र (फॉर्म) दिए जा रहे हैं, जिनमें आवश्यक जानकारियां भरने को कहा गया है।

🔹 डिप्टी सीएम विजय शर्मा का बड़ा बयान

इस बीच छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने SIR प्रक्रिया को लेकर एक महत्वपूर्ण और सख्त बयान दिया है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि SIR के लिए जो गणना पत्र दिया जा रहा है, वह 2025 की मतदाता सूची के आधार पर तैयार किया गया है और इसकी जांच बेहद गंभीरता से की जाएगी।

🔹 “2003 की मतदाता सूची में परिवार का नाम होना आवश्यक”

विजय शर्मा ने स्पष्ट कहा कि—

“2003 की मतदाता सूची में मतदाता के किसी भी ब्लड रिलेशन का नाम होना चाहिए। यदि किसी परिवार का नाम उस सूची में नहीं है, तो परीक्षण किया जाएगा। ऐसे मामले सामने आने पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी और फॉरेनर्स एक्ट समेत अन्य प्रावधान लागू हो सकते हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि इस जांच से कई ऐसे मामलों की पहचान होगी, जिन पर कानूनन कार्रवाई की जाएगी।

🔹 फॉरेनर एक्ट किस पर लागू होता है?

अपने पाठकों के लिए यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि फॉरेनर एक्ट किसी भी भारतीय नागरिक पर लागू नहीं होता। यह केवल दूसरे देश से आने वाले नागरिकों पर लागू होता है। इसलिए किसी भारतीय को केवल इस आधार पर विदेशी घोषित नहीं किया जा सकता कि उसके परिवार का नाम 2003 की सूची में नहीं मिला।

🔹 SIR प्रक्रिया क्यों महत्वपूर्ण?

  • मतदाता सूची की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए
  • फर्जी मतदान रोकने के लिए
  • नए एवं पुराने मतदाताओं की सही पहचान सुनिश्चित करने के लिए
  • लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत और विश्वसनीय बनाने के लिए

छत्तीसगढ़ प्रशासन और चुनाव आयोग की टीमें लगातार फील्ड में सक्रिय हैं और सुनिश्चित कर रही हैं कि किसी भी नागरिक को अनावश्यक परेशानी न हो।

Leave a Reply

Trending

Discover more from Aaj Ki Janta

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading