छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से नक्सल मोर्चे पर एक बड़ी सफलता सामने आई है। Bijapur anti Naxal operation के तहत सुरक्षाबलों ने संयुक्त सर्च और कॉम्बिंग अभियान में 12 माओवादियों को न्यूट्रलाइज किया है। क्षेत्र में अभी भी सर्च अभियान लगातार जारी है।

यह कार्रवाई बीजापुर के गहरे जंगलों में की गई, जहां सुरक्षाबलों का सामना भारी चुनौती वाले इलाके से होता रहा है। फिर भी, जवानों ने बहादुरी दिखाते हुए अभियान को पूरी दक्षता से अंजाम दिया।


मुख्यमंत्री साय ने शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि

Bijapur anti Naxal operation: इस अभियान के दौरान दो जवान वीरगति को प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शहीद जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि शोकाकुल परिवारों को इस असहनीय पीड़ा को सहने की शक्ति मिले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे वीर जवानों का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा और राज्य सरकार हर परिस्थिति में उनके परिवारों के साथ खड़ी है।


घायल जवान खतरे से बाहर, बेहतर उपचार की व्यवस्था

मुठभेड़ में दो अन्य जवान घायल भी हुए थे। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि दोनों जवान अब खतरे से बाहर हैं और उनके उपचार की संपूर्ण व्यवस्था कर दी गई है। उन्होंने उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना भी की।


“लाल आतंक का अंत अब निकट है” — मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस बड़ी सफलता को निर्णायक बताया। उन्होंने कहा कि Bijapur anti Naxal operation यह स्पष्ट संकेत है कि नक्सलवाद का अंत अब बहुत करीब है।

उन्होंने जोर देकर कहा—
“जब तक बस्तर के अंतिम गाँव तक शांति, सुरक्षा और विकास नहीं पहुँच जाता, यह अभियान पूरी दृढ़ता से चलता रहेगा।”


सुरक्षाबलों की बहादुरी को सलाम

Bijapur anti Naxal operation: मुख्यमंत्री साय ने सुरक्षा बलों के साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की प्रशंसा की। कठिन परिस्थितियों, घने जंगलों और लगातार बदलती चुनौतियों के बीच सुरक्षाबलों ने जिस तरह यह अभियान पूरा किया, उससे पूरा प्रदेश गर्व महसूस कर रहा है।

सरकार ने आश्वासन दिया है कि नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे तक यह लड़ाई जारी रहेगी और हर कदम पर जवानों को हर संभव समर्थन दिया जाएगा।

Leave a Reply

Trending

Discover more from Aaj Ki Janta

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading