Durg real estate guideline hike: छत्तीसगढ़ में रियल स्टेट गाइडलाइन दरों में हुए इजाफे ने कारोबारियों के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है। प्रदेशभर में इसका विरोध बढ़ रहा है और सबसे तीखी प्रतिक्रिया दुर्ग–भिलाई क्षेत्र से सामने आई है। Durg real estate guideline hike के खिलाफ 1 दिसंबर को शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे कई युवा कारोबारियों को पुलिस ने बिना अनुमति सड़क मार्ग रोकने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

जेल में बंद कारोबारियों से मिलने पहुंचे विधायक

Durg real estate guideline hike: 5 दिसंबर को कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव दुर्ग सेंट्रल जेल पहुंचे और बंद कारोबारियों से मुलाकात की। उनके साथ पूर्व विधायक अरुण वोर और अन्य कांग्रेस नेता भी मौजूद रहे। इस मुलाकात के दौरान जेल परिसर में कारोबारियों के परिवारजन भी मौजूद रहे, जिनकी आंखों में चिंता और नाराजगी साफ दिखाई दे रही थी।

“युवा कारोबारियों को जबरन गिरफ्तार किया गया” — देवेंद्र यादव

गिरफ्तार कारोबारियों से बात करने के बाद विधायक यादव ने सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कई युवा अपनी पूरी पूंजी लगाकर छोटा व्यवसाय चला रहे थे और जब वे Durg real estate guideline hike के खिलाफ शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे, तभी उन पर लाठीचार्ज किया गया।

विधायक ने आरोप लगाया कि—

  • नौ युवकों पर गलत धाराओं में FIR दर्ज की गई
  • कई लोगों को बाद में नोटिस भेजकर गिरफ्तार किया जा रहा है
  • प्रशासन की कार्रवाई पूरी तरह सरकारी दबाव में है

उनके अनुसार, “बढ़ी हुई गाइडलाइन दरें बिल्कुल अनुचित हैं। इससे युवा व्यवसायियों पर भारी आर्थिक बोझ बढ़ेगा और उनका मनोबल टूटेगा। सरकार को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।”

बृजमोहन अग्रवाल के पत्र का भी किया उल्लेख

Durg real estate guideline hike: विधायक यादव ने इस मुद्दे पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा सरकार को लिखे गए पत्र का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब इतने वरिष्ठ नेता को भी मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखनी पड़ रही है, तो यह स्पष्ट है कि मामला गंभीर है और असंतोष राज्यभर में फैल रहा है।

विरोध की लहर जारी

Durg real estate guideline hike: दुर्ग और आसपास के जिलों में रियल स्टेट से जुड़े लोगों का कहना है कि गाइडलाइन दरें बढ़ने से जमीन के रजिस्ट्री पर भारी असर पड़ेगा और पहले से मंदी झेल रहे व्यवसाय पर और मार पड़ेगी। कारोबारियों का यह भी कहना है कि जब तक बढ़ी हुई दरें वापस नहीं ली जातीं, आंदोलन जारी रहेगा।

Durg real estate guideline hike से शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। कारोबारियों की गिरफ्तारी, प्रशासन की कार्रवाई और विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया ने इसे प्रदेश स्तरीय बहस का विषय बना दिया है। अब निगाहें सरकार के अगले फैसले पर टिकी हैं।

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