Kondapalli mobile network: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले का दूरस्थ कोण्डापल्ली गांव, जो कभी नक्सली गतिविधियों के कारण सबसे कठिन इलाकों में गिना जाता था, इस सप्ताह एक ऐतिहासिक बदलाव का साक्षी बना। दशकों तक संचार, सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित इस आदिवासी गांव में पहली बार मोबाइल नेटवर्क पहुंचा। जैसे ही लोगों के फोन पर सिग्नल बार दिखे, गांव में दीपावली जैसी खुशी दौड़ पड़ी।

सिग्नल आते ही गांव में जश्न, ढोल-मांदर के साथ खुशी का स्वागत

Kondapalli mobile network: शुक्रवार को जैसे ही मोबाइल टावर सक्रिय हुआ, गांव के आदिवासी परिवार खुशी से झूम उठे।
ढोल और मांदर की ताल पर ग्रामीण टावर के चारों ओर नाचते दिखे, बुजुर्गों ने टावर को श्रद्धा के साथ छुआ, वहीं कई महिलाओं ने दीये जलाकर पूजा की।
कोण्डापल्ली के लिए यह सिर्फ एक तकनीकी सुविधा नहीं, बल्कि बाहरी दुनिया से जुड़ने की पहली ठोस कड़ी है।

‘नियाड़ नेल्लनार’ योजना से बदली 403 गांवों की तस्वीर

Kondapalli mobile network: मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी की यह उपलब्धि 2024 की ‘नियाड़ नेल्लनार’ (आपका अच्छा गांव) योजना के तहत पूरी हुई।
बीजापुर मुख्यालय से 70 किमी दूर बसे इस गांव तक प्रशासनिक टीमों को पहले पहुंचना भी मुश्किल था, लेकिन सुरक्षा अभियानों और प्रशासनिक outreach के कारण हालात तेजी से बदले हैं।

इस योजना के तहत—

  • 403 गांवों में सामुदायिक और व्यक्तिगत लाभ योजनाएँ पहुंचाई जा रही हैं।
  • 9 विभाग सामुदायिक सेवाएँ दे रहे हैं, जबकि 11 विभाग परिवारों तक सीधी सहायता पहुंचा रहे हैं।
  • बैंकिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य, राशन, पानी और संचार जैसी सुविधाएँ अब दूरस्थ इलाकों में तेजी से पहुंच रही हैं।

मोबाइल नेटवर्क के साथ नई सुविधाओं की बड़ी छलांग

सरकारी आंकड़ों के अनुसार—

  • पिछले दो वर्षों में 728 नए मोबाइल टावर लगाए गए।
  • इनमें 116 टावर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और 115 आकांक्षी जिलों में हैं।
  • 467 टावर पूरी तरह से 4G पर चालू हैं, जबकि 449 पुराने टावरों को 2G से 4G में अपग्रेड किया गया है।

कोण्डापल्ली में बिजली और सड़क का काम तेज़ी से जारी

दो महीने पहले ही गांव में पहली बार बिजली पहुंची।
इससे

  • बच्चों की पढ़ाई आसान हुई,
  • छोटे व्यवसाय शुरू हुए,
  • और गांव की सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हुई।

BRO लगभग 50 किमी सड़क निर्माण को तेज़ी से पूरा कर रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में क्षेत्र की संपूर्ण तस्वीर बदलने की उम्मीद है।

अब ऑनलाइन सेवाएँ सीधे गांव तक—लोगों को मिलेगी राहत

मोबाइल नेटवर्क आने से अब गांव में—

  • आधार सत्यापन
  • बैंकिंग
  • पेंशन
  • राशन
  • टेली-मेडिसिन
  • ऑनलाइन शिक्षा
    जैसी सेवाएँ आसानी से उपलब्ध होंगी।
    जहाँ पहले ग्रामीणों को कई किलोमीटर जंगल पार करना पड़ता था, अब मोबाइल नेटवर्क से ही घर पर सुविधाएँ मिल पाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कोण्डापल्ली को बताया ‘बस्तर के भविष्य की नई शुरुआत’

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा—
“कोण्डापल्ली में नेटवर्क पहुंचना बस्तर के भविष्य की नई शुरुआत है। यह केवल संचार नेटवर्क नहीं, बल्कि उन उम्मीदों का पुनर्जीवन है जो वर्षों तक दबकर रह गई थीं।”

उन्होंने आश्वस्त किया कि बस्तर के हर गांव में डिजिटल सेवाएँ और सरकारी योजनाएँ तेज गति से पहुँचाई जाएँगी।

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