✍️ दुर्ग | प्रशासनिक संवाददाता

Prashasan Gaon Ki Ore Abhiyan Durg: जनता की समस्याओं को सरकारी दफ्तरों तक सीमित रखने के बजाय गांव-गांव तक पहुंचाने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘सुशासन सप्ताह’ के अंतर्गत दुर्ग जिले में ‘प्रशासन गांव की ओर’ अभियान की शुरुआत की जा रही है।

यह अभियान 19 दिसंबर से 25 दिसंबर 2025 तक जिलेभर में आयोजित होगा, जिसमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शिविर लगाकर मौके पर ही शिकायतों का समाधान किया जाएगा।


🌱 सुशासन को ज़मीनी स्तर तक पहुंचाने की पहल

कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशन में जिले में यह अभियान जिला, जनपद पंचायत, नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत स्तर पर संचालित किया जाएगा।

👉 इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है:

  • जनता की शिकायतों और मांगों का त्वरित निराकरण
  • केंद्र और राज्य सरकार के विभागों की सीधी भागीदारी
  • प्रशासन और नागरिकों के बीच सीधा संवाद

सभी शिविरों का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक निर्धारित किया गया है और प्राप्त आवेदनों को प्रतिदिन ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा।


👥 नोडल अधिकारियों की नियुक्ति

अभियान के प्रभावी संचालन के लिए कलेक्टर ने नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है—

  • जिला व जनपद स्तर: जिला पंचायत सीईओ श्री बजरंग दुबे
  • नगरीय निकाय स्तर: संबंधित निगम आयुक्त / मुख्य नगर पालिका अधिकारी

📍 कब और कहां लगेंगे शिविर? (मुख्य तिथियां)

🔹 जिला स्तरीय शिविर

  • 24 दिसंबर 2025
    📌 शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, ग्राम मंचादुर

🔹 जनपद पंचायत स्तरीय शिविर

  • 19 दिसंबर – ग्राम सिरसाखुर्द (जनपद पंचायत दुर्ग)
  • 21 दिसंबर – ग्राम दरबार मोखली पाटन
  • 22 दिसंबर – ग्राम कपसदा (जनपद पंचायत धमधा)

🔹 नगरीय निकाय स्तरीय शिविर

  • 19 दिसंबर – रिसाली (दशहरा मैदान), कुम्हारी (वार्ड 06), जामुल
  • 22 दिसंबर – अहिवारा, दुर्ग (आदित्य नगर), अमलेश्वर, भिलाई-चरोदा
  • 23 दिसंबर – नगर निगम भिलाई परिसर

🔹 नगर पंचायत स्तरीय शिविर

  • 22 दिसंबर – उतई, धमधा, पाटन

🧾 अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति

  • जिला स्तरीय शिविर में सभी जिला स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य
  • जनपद व नगरीय शिविरों में संबंधित ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहेंगे

इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जनता को एक ही स्थान पर समाधान मिल सके।


🤝 जनता के लिए क्या है संदेश?

यह अभियान सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रशासन और नागरिकों के बीच भरोसे की कड़ी है।
सरकार की मंशा है कि हर शिकायत सुनी जाए, हर समस्या का समाधान हो—वह भी बिना अनावश्यक दौड़-भाग के।

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