Paddy Procurement Action Balod: समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और किसान-हितैषी बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
इसी कड़ी में बालोद कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने डौण्डीलोहरा और डौण्डी विकासखंड के कई धान खरीदी केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की गहन जांच की।


🔍 खरीदी केंद्रों में दस्तावेजों की बारीकी से जांच

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने गैंजी, चिखलाकसा, कोटागांव, भर्रीटोला और घोटिया धान खरीदी केंद्रों में—

  • अब तक खरीदी गई कुल धान की मात्रा
  • ग्रामवार औसत पैदावार
  • रकबा समर्पण की स्थिति
  • पंजी संधारण

जैसे अहम बिंदुओं की विस्तार से समीक्षा की।
इस दौरान यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि धान खरीदी में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


⚖️ तय सीमा से अधिक वजन पर कड़ी कार्रवाई

चिखलाकसा धान खरीदी केंद्र में निरीक्षण के दौरान जब बोरों की तौल कराई गई, तो चार बोरों में धान की मात्रा निर्धारित 40 किलो 680 ग्राम से अधिक, लगभग 41 किलो पाई गई।

👉 इस गंभीर अनियमितता पर कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाते हुए—

  • समिति प्रबंधक और कर्मचारियों को फटकार लगाई
  • समिति प्रबंधक श्री भगवान सिंह ठाकुर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए

यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि Paddy Procurement Action Balod के तहत नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है।


🌱 रकबा समर्पण और सत्यापन पर विशेष जोर

गैंजी खरीदी केंद्र के निरीक्षण में कलेक्टर ने—

  • एक टोकन वाले किसान
  • 2 एकड़ से अधिक
  • 10 एकड़ से अधिक रकबा रखने वाले किसानों

की स्थिति की समीक्षा की।
धान बेचने पहुंचे किसान श्री दीपक यामले से चर्चा कर उन्हें शेष रकबे के अनिवार्य समर्पण की समझाइश दी गई।

जब किसान ने घर में लगभग 130 क्विंटल धान शेष होने की जानकारी दी, तो कलेक्टर ने कृषि विस्तार अधिकारी, पटवारी और संबंधित अधिकारियों की संयुक्त टीम को मौके पर सत्यापन के निर्देश दिए।


💧 नमी और गुणवत्ता जांच अनिवार्य

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने साफ निर्देश दिए कि—

  • हर किसान का धान नमी मापक यंत्र से जांचा जाए
  • केवल साफ-सुथरा और गुणवत्तायुक्त धान ही खरीदा जाए

इससे किसानों को भी सही मूल्य मिलेगा और व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहेगी।


🧾 नोडल अधिकारी और निगरानी समिति को निर्देश

चिखलाकसा केंद्र में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि—

  • नोडल अधिकारी और निगरानी समिति के सदस्य रोज सुबह अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें
  • डबल टोकन की स्थिति में रकबा सत्यापन के बाद ही खरीदी हो
  • वर्तमान खरीदी की तुलना पिछले वर्ष की औसत खरीदी से की जाए

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने किसानों से सीधे संवाद कर फीडबैक भी लिया। कई किसानों ने मौके पर ही शेष रकबे का समर्पण किया।


📌 निष्कर्ष

Paddy Procurement Action Balod के तहत जिला प्रशासन का यह सख्त रुख साफ दर्शाता है कि धान खरीदी में पारदर्शिता और किसान हित सर्वोपरि हैं।
ऐसी कार्रवाई न केवल व्यवस्था को मजबूत बनाती है, बल्कि ईमानदार किसानों का भरोसा भी बढ़ाती है।

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