Chhattisgarh Liquor Scam में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए शिकंजा कस दिया है। मंगलवार को ईडी ने पूर्व एक्साइज कमिश्नर निरंजन दास, 30 अन्य एक्साइज अधिकारियों और तीन प्रमुख डिस्टिलरीज की 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त कर लीं।
यह कार्रवाई पूर्व कांग्रेस सरकार (2019–2023) के दौरान हुए 2,800 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले की जांच का अहम हिस्सा है।


🕵️‍♂️ ED का दावा: एक्साइज विभाग बना सिंडिकेट का अड्डा

ईडी के अनुसार, 2019 से 2023 के बीच राज्य के वरिष्ठ नौकरशाहों और राजनीतिक हस्तियों ने मिलकर एक आपराधिक सिंडिकेट बनाया। इस सिंडिकेट ने एक्साइज विभाग पर कब्जा कर समानांतर सिस्टम चलाया और सरकारी नियंत्रण को पूरी तरह कमजोर कर दिया।


🏠 क्या-क्या जब्त हुआ?

ईडी ने कुल 78 रियल एस्टेट प्रॉपर्टी अटैच की हैं, जिनमें शामिल हैं—

  • लग्जरी बंगले
  • प्रीमियम कॉम्प्लेक्स के फ्लैट
  • कमर्शियल शॉप
  • कृषि भूमि

इसके अलावा, 197 इनवेस्टमेंट्स भी जब्त किए गए हैं, जिनमें—

  • फिक्स्ड डिपॉजिट
  • बैंक बैलेंस
  • लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी
  • शेयर और म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो

शामिल हैं।


🔍 घोटाले की जड़ें कहां तक?

ईडी के मुताबिक—

  • 38.21 करोड़ रुपये की संपत्तियां निरंजन दास और 30 अन्य एक्साइज अधिकारियों से जुड़ी हैं
  • 68.16 करोड़ रुपये की संपत्तियां तीन छत्तीसगढ़ आधारित डिस्टिलरीज की हैं

इन डिस्टिलरीज के नाम हैं—

  1. छत्तीसगढ़ डिस्टिलरीज लिमिटेड
  2. भाटिया वाइन मर्चेंट्स प्राइवेट लिमिटेड
  3. वेलकम डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड

📄 नई चार्जशीट से बड़ा खुलासा

ईडी ने 26 दिसंबर को दाखिल नई चार्जशीट में खुलासा किया कि 2019-2023 के बीच एक्साइज विभाग में व्यापक भ्रष्टाचार हुआ।
इससे 2,883 करोड़ रुपये की अपराध आय (Proceeds of Crime) सामने आई है।

जांच में पाया गया कि शराब नीति को निजी फायदे के लिए तोड़ा-मरोड़ा गया और अवैध कमीशन व बिना हिसाब की बिक्री को बढ़ावा दिया गया।


👥 81 आरोपी, बड़े नाम शामिल

इस केस में अब तक 81 लोगों को आरोपी बनाया गया है। प्रमुख नाम—

  • पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल
  • पूर्व एक्साइज मंत्री कवासी लाखमा
  • पूर्व जॉइंट सेक्रेटरी अनिल टूटेजा (रिटायर्ड IAS)
  • निरंजन दास
  • CMO की पूर्व डिप्टी सेक्रेटरी सौम्या चौरसिया
  • रायपुर मेयर अयाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर

💰 कमीशन का पूरा खेल

ईडी के अनुसार—

  • एक्साइज अधिकारियों को प्रति केस 140 रुपये का फिक्स्ड कमीशन
  • निरंजन दास को हर महीने 50 लाख रुपये की रिश्वत
  • अकेले दास ने 18 करोड़ रुपये से ज्यादा की अवैध कमाई की

🧩 घोटाले के चार मुख्य चैनल

ईडी ने शराब घोटाले के चार बड़े रास्ते बताए—

  1. अवैध कमीशन
  2. बिना हिसाब की शराब बिक्री
  3. डिस्टिलरी कार्टेल कमीशन
  4. FL-10A लाइसेंस के जरिए विदेशी शराब कंपनियों से कमीशन

Chhattisgarh Liquor Scam अब सिर्फ आर्थिक घोटाला नहीं, बल्कि प्रशासनिक और राजनीतिक साजिश की बड़ी तस्वीर बन चुका है। ED की यह कार्रवाई संकेत देती है कि आने वाले दिनों में जांच और तेज होगी और और भी बड़े खुलासे संभव हैं।

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