Bhupesh Baghel Amar kantak visit: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार को भगवान शिव की तपोभूमि और मां नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक पहुंचकर नर्मदा शक्तिपीठ में विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया। इस दौरान उन्होंने मां नर्मदा से प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।


🛕 नर्मदा शक्तिपीठ में विधि-विधान से पूजा

मध्य प्रदेश–छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित अमरकंटक को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। Bhupesh Baghel Amar kantak visit के दौरान उन्होंने नर्मदा मंदिर में पूजा-आरती में भाग लिया और पवित्र नर्मदा जल से अभिषेक कर श्रद्धापूर्वक मत्था टेका। पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया गया।


🌿 अमरकंटक: आस्था और संस्कृति का संगम

अमरकंटक को मां नर्मदा का उद्गम स्थल होने के साथ-साथ भगवान शिव की तपोस्थली के रूप में भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह स्थल 51 शक्तिपीठों में से एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जिसका उल्लेख रामायण और विभिन्न पुराणों में मिलता है। यही कारण है कि देशभर से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं।


🗣️ “यह भूमि आध्यात्मिक अनुभूति कराती है” — भूपेश बघेल

दर्शन के बाद भूपेश बघेल ने कहा कि अमरकंटक जैसी पावन भूमि पर आकर गहरी आध्यात्मिक अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि मां नर्मदा की कृपा से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक शांति और सही मार्गदर्शन प्राप्त होता है। यह स्थान भारतीय संस्कृति और आस्था का सशक्त प्रतीक है।


👥 कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

इस धार्मिक अवसर पर कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय और जिला कांग्रेस कमेटी गौरेला-पेंड्रा-मरवाही अध्यक्ष गजमति भानू भी उनके साथ उपस्थित रहे। सभी ने मां नर्मदा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।


✨ सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण दौरा

Bhupesh Baghel Amar kantak visit केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं रहा, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी इसका विशेष महत्व रहा। अमरकंटक भारतीय धार्मिक परंपरा की जीवंत पहचान है, जो श्रद्धालुओं को आस्था के सूत्र में बांधता है।


मां नर्मदा के पावन धाम अमरकंटक में भूपेश बघेल का यह दर्शन-पूजन आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना से जुड़ा संदेश देता है, जो समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

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