Chhattisgarh seed production: छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड ने खरीफ 2025 के लिए अपने बीज उत्पादन कार्यक्रम का बड़ा विस्तार किया है। इस बार बीज उत्पादन क्षेत्र को बढ़ाकर 21,478 हेक्टेयर कर दिया गया है। यह आंकड़ा खरीफ 2023 की तुलना में 85 प्रतिशत और पिछले वर्ष की तुलना में 26 प्रतिशत अधिक है।


किसानों की मांग को प्राथमिकता: कृषि मंत्री

राज्य के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने शनिवार को रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सरकार ने किसानों की मांग के अनुरूप प्रमाणित बीजों की उपलब्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि किसानों को समय पर, गुणवत्तापूर्ण और पर्याप्त बीज उपलब्ध हों, जिससे खेती की उत्पादकता बढ़े।


खरीफ 2024 में किसानों को मिला 126 करोड़ का भुगतान

खरीफ 2024 के बीज उत्पादन कार्यक्रम के तहत निगम ने पंजीकृत किसानों से 5.75 लाख क्विंटल कच्चे बीज की खरीदी की। इसके बदले किसानों को 126 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 37.28 करोड़ रुपये अधिक है।
यह बढ़ा हुआ भुगतान सीधे तौर पर किसानों की आय में मजबूती का संकेत देता है।


भुगतान प्रणाली में बदलाव, अब 30 दिन पहले मिलेगा पैसा

किसानों को राहत देते हुए निगम ने भुगतान प्रणाली में अहम बदलाव किया है। अब बीज पास होने के तुरंत बाद भुगतान प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है, जबकि पहले पैकेजिंग पूरी होने तक इंतजार करना पड़ता था।
इस बदलाव से बीज उत्पादक किसानों को लगभग 30 दिन पहले भुगतान मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक जरूरतें समय पर पूरी हो सकेंगी।


खरीफ 2025 के लिए बीजों की रिकॉर्ड मांग

खरीफ 2025 सीजन के लिए राज्य में 4,95,057 क्विंटल प्रमाणित बीजों की मांग दर्ज की गई। इसके जवाब में

  • 4,87,004 क्विंटल बीज का भंडारण किया गया,
  • जबकि 4,73,485 क्विंटल बीज पहले ही वितरित किए जा चुके हैं।

यह वितरण खरीफ 2024 की तुलना में 5,074 क्विंटल अधिक है, जो बीज वितरण व्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।


खरीफ 2025: लक्ष्य से पहले बढ़त

खरीफ 2025 के लिए 7.50 लाख क्विंटल बीज उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इसके मुकाबले निगम अब तक 3.30 लाख क्विंटल बीज की खरीदी कर चुका है।
इस दौरान किसानों को 36.82 करोड़ रुपये का अग्रिम भुगतान भी जारी किया गया है और खरीदी प्रक्रिया लगातार जारी है।


कृषि विकास को मिलेगी नई गति

बीज उत्पादन में यह विस्तार न केवल किसानों की आय बढ़ाएगा, बल्कि छत्तीसगढ़ में कृषि उत्पादकता और खाद्य सुरक्षा को भी मजबूत करेगा। समय पर बीज और समय पर भुगतान—यही मॉडल राज्य की खेती को नई दिशा दे रहा है।

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