VB G RAM G scheme: महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MNREGA) की जगह विकसित भारत ग्रामीण रोजगार आजीविका मिशन (VB G RAM G) लाए जाने को लेकर जहां राजनीतिक गलियारों में तीखी बहस जारी है, वहीं जमीनी स्तर पर इसका असर अलग ही नजर आ रहा है।

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में गरीब और श्रमिक परिवारों से जुड़े लोग इस नई योजना को लेकर उत्साहित और संतुष्ट दिखाई दे रहे हैं।


100 से 125 दिन रोजगार: गांव में ही टिकने की उम्मीद

ग्रामीण श्रमिकों का कहना है कि VB G RAM G योजना के तहत रोजगार के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 किया जाना उनके लिए सबसे बड़ा बदलाव है। इससे न सिर्फ आमदनी बढ़ेगी, बल्कि उन्हें काम की तलाश में शहरों की ओर पलायन भी नहीं करना पड़ेगा।

स्थानीय महिला श्रमिक विनीता ने कहा—

“नई योजना बहुत अच्छी है। पहले 100 दिन काम मिलता था, अब 125 दिन मिलेगा। इससे हमारी आमदनी बढ़ेगी। हम केंद्र सरकार का धन्यवाद करते हैं।”


परिवार की आय बढ़ेगी, जीवन होगा सुरक्षित

धमतरी के श्रमिक डालू साहू ने बताया कि—

“इस कानून से मेरे पूरे परिवार को राहत मिलेगी। काम की गारंटी बढ़ी है, जिससे आर्थिक सुरक्षा भी बढ़ेगी।”


श्रमिक संगठनों ने भी सराहा कानून

श्रमिक संघ के अध्यक्ष नंद यादव का कहना है कि VB G RAM G स्कीम श्रमिकों के हित में एक मजबूत कदम है।

उन्होंने बताया—

  • 125 दिन का सुनिश्चित रोजगार
  • साप्ताहिक या अधिकतम 15 दिनों में मजदूरी भुगतान
  • ऑनलाइन खाते में सीधा पैसा
  • काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता
  • भुगतान में देरी पर ब्याज का प्रावधान

“यह योजना न सिर्फ आमदनी बढ़ाएगी, बल्कि श्रमिक परिवारों को आत्मनिर्भर बनाएगी,” उन्होंने कहा।


राजनीतिक विवाद से अलग जमीनी सच्चाई

हालांकि योजना के नाम बदलने को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं, लेकिन ग्रामीण श्रमिकों की नजर में VB G RAM G योजना फायदे का सौदा है
उनका मानना है कि अगर यह योजना प्रभावी तरीके से लागू होती है, तो गांवों में रोजगार, स्थायित्व और सामाजिक सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी।

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