भिलाई।
छत्तीसगढ़ के एकमात्र तकनीकी विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU), भिलाई में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष की आवाजें तेज होने लगी हैं।
CSVTU Bhilai Consultant Controversy के तहत विश्वविद्यालय में लंबे समय से कार्यरत सेवानिवृत्त कंसल्टेंट्स की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं।


🎓 स्वामी विवेकानंद के नाम पर युवा संस्थान, पर हावी बुजुर्ग व्यवस्था

राज्य शासन ने युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद के नाम पर इस विश्वविद्यालय की स्थापना की थी।
शुरुआती दौर में विश्वविद्यालय संचालन के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारियों को दैनिक वेतन पर नियुक्त किया गया, जो आज भी नियमितीकरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

इसी अवधि में विभिन्न विभागों से सेवानिवृत्त अधिकारियों को कंसल्टेंट के रूप में नियुक्त किया गया, जिनमें से कई आज भी विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं।


70 से 80 वर्ष की आयु वाले कंसल्टेंट्स पर आपत्ति

कर्मचारियों के अनुसार,
विश्वविद्यालय में कार्यरत कुछ कंसल्टेंट्स की आयु 70 से 82 वर्ष के बीच बताई जा रही है।
जबकि सामान्यतः 60–62 वर्ष की आयु के बाद सेवा समाप्त हो जाती है, ऐसे में लंबे समय तक इन नियुक्तियों पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

सूत्रों का कहना है कि
पेंशन प्राप्त करने के साथ-साथ ये कंसल्टेंट्स विश्वविद्यालय से सम्मानजनक मानदेय भी ले रहे हैं।


⚠️ कर्मचारियों के साथ व्यवहार को लेकर भी नाराजगी

विश्वविद्यालय से जुड़े कुछ कर्मचारियों और महिला कर्मचारियों ने
कुछ वरिष्ठ कंसल्टेंट्स के व्यवहार को लेकर असंतोष व्यक्त किया है।
आरोप है कि

कभी-कभी भाषा और रवैये से कर्मचारियों को मानसिक रूप से आहत होना पड़ता है।

हालांकि, इन आरोपों पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।


🔥 युवा कर्मचारियों में बढ़ता आक्रोश

दैनिक वेतनभोगी और युवा कर्मचारी वर्षों से
नियमितीकरण और भविष्य की सुरक्षा की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
ऐसे में उनका कहना है कि यदि प्रशासन ने नीति-आधारित और संतुलित निर्णय नहीं लिए,
तो असंतोष और बढ़ सकता है।


🏛️ प्रशासन के लिए चेतावनी या सुधार का अवसर?

CSVTU Bhilai Consultant Controversy
अब केवल कर्मचारियों की चर्चा नहीं, बल्कि
विश्वविद्यालय की छवि और कार्यसंस्कृति से जुड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि

तकनीकी संस्थानों में अनुभव और युवाओं के बीच संतुलन बेहद जरूरी है।

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