Balod Rover Ranger Jamboree: छत्तीसगढ़ का बालोद जिला इन दिनों पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है। ग्राम दुधली में आयोजित प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी में देश-विदेश से आए लगभग 15 हजार युवा सेवा, अनुशासन और नेतृत्व का जीवंत उदाहरण पेश कर रहे हैं।
इस आयोजन को अब देशभर में Balod Rover Ranger Jamboree के नाम से पहचाना जा रहा है।


मुख्यमंत्री साय ने युवाओं को बताया विकसित भारत की ताकत

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि Balod Rover Ranger Jamboree छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक अवसर है, जहां युवा शक्ति राष्ट्रीय मंच पर अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन कर रही है।
उन्होंने कहा कि यह जंबूरी केवल एक शिविर नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रयोगशाला है, जहां युवा सेवा, अनुशासन और नेतृत्व के मूल्य सीख रहे हैं।


कैंपिंग, प्रशिक्षण और सांस्कृतिक गतिविधियों से युवाओं में निखार

इस पांच दिवसीय जंबूरी में

  • राष्ट्रीय स्तर की कैंपिंग,
  • रोवर-रेंजर प्रशिक्षण,
  • सांस्कृतिक संध्याएं,
  • और सामुदायिक सेवा गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

इन गतिविधियों के माध्यम से युवा अपने भीतर नेतृत्व, जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति समर्पण को मजबूत कर रहे हैं। यही कारण है कि Balod Rover Ranger Jamboree युवाओं के लिए एक जीवन-परिवर्तनकारी अनुभव बनता जा रहा है।


बालोद की धरती पर दिखी भारत की भावी पीढ़ी

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बालोद की धरती पर उमड़ा यह उत्साह भारत की भावी पीढ़ी की ऊर्जा और संकल्प को दर्शाता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार खेल, कौशल विकास और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है।


छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर रहे रोवर-रेंजर

सीएम साय ने जंबूरी में भाग ले रहे सभी युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनका सेवा भाव और अनुशासन छत्तीसगढ़ का नाम देश-दुनिया में ऊंचा करेगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि यही प्रशिक्षित और आत्मविश्वासी युवा विकसित भारत की मजबूत नींव बनेंगे।


Balod Rover Ranger Jamboree ने यह साबित कर दिया है कि अगर युवाओं को सही मंच और दिशा मिले, तो वे देश के भविष्य को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।

Leave a Reply

Trending

Discover more from Aaj Ki Janta

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading