रायपुर, 10 जनवरी 2026।
राजधानी रायपुर में आयोजित India International Rice Summit 2026 में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने चावल उत्पादकों और निर्यातकों को बड़ी राहत देते हुए मंडी शुल्क में छूट की अवधि एक साल के लिए बढ़ाने की घोषणा की। यह फैसला किसानों और चावल निर्यातकों दोनों के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने एपीडा (APEDA) के क्षेत्रीय कार्यालय का भी शुभारंभ किया, जिससे छत्तीसगढ़ के चावल निर्यात को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूती मिलेगी।


🌾 “धान का कटोरा” छत्तीसगढ़ की वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि India International Rice Summit 2026 का यह दूसरा संस्करण छत्तीसगढ़ के लिए बेहद अहम है।
इस समिट में 12 देशों के खरीदार और 6 देशों के दूतावासों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं, जिससे प्रदेश को वैश्विक पहचान मिल रही है।

उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने छत्तीसगढ़ को यूं ही “धान का कटोरा” नहीं कहा था। यहां हजारों किस्म की धान उगाई जाती हैं।
सरगुजा का जीराफूल और दुबराज चावल अपनी खुशबू और गुणवत्ता के लिए पूरे देश में पहचाने जाते हैं।


🚢 छत्तीसगढ़ से 90 देशों में जा रहा है चावल

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ से करीब 90 देशों को लगभग एक लाख टन चावल का निर्यात किया जा रहा है।
नई औद्योगिक नीति के तहत चावल प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे निर्यात और रोजगार दोनों को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीद रही है। इससे किसानों की आमदनी में सीधा इजाफा हो रहा है।


🌱 ऑर्गेनिक चावल को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऑर्गेनिक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है
दंतेवाड़ा में हो रही ऑर्गेनिक चावल की खेती को और प्रोत्साहन दिया जाएगा, जिससे आदिवासी किसानों को भी बेहतर बाजार मिलेगा।


🏛️ प्रदर्शनी में दिखी नवाचारों की झलक

India International Rice Summit 2026 के दौरान मुख्यमंत्री ने चावल पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
उन्होंने विभिन्न किस्मों, नई तकनीकों और उत्पादन बढ़ाने के आधुनिक तरीकों की जानकारी ली और सरकारी स्टॉलों की सराहना की।


India International Rice Summit 2026 ने यह साबित कर दिया कि छत्तीसगढ़ अब वैश्विक चावल बाजार में एक मजबूत खिलाड़ी बन चुका है।
मंडी शुल्क में छूट, एपीडा कार्यालय की शुरुआत और निर्यात को मिला प्रोत्साहन किसानों से लेकर कारोबारियों तक सभी के लिए नई उम्मीद लेकर आया है।

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