रायपुर।
छत्तीसगढ़ के किसानों और कृषि उद्यमियों के लिए एक ऐतिहासिक दिन तब आया, जब 2nd India International Rice Summit के दौरान रायपुर में APEDA Regional Office in Raipur का भव्य उद्घाटन किया गया। यह कदम राज्य को कृषि और प्रोसेस्ड फूड निर्यात के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।


🌾 छत्तीसगढ़ की कृषि ताकत को मिलेगा वैश्विक मंच

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, छत्तीसगढ़ की समृद्ध कृषि-व्यवस्था में प्रीमियम नॉन-बासमती चावल, और GI टैग प्राप्त जीराफूल चावल व नागरी दुबराज चावल जैसी अनूठी किस्में शामिल हैं। अब APEDA Regional Office in Raipur के माध्यम से इन उत्पादों को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ा जाएगा।

इसके अलावा राज्य में अमरूद, केला, ड्रैगन फ्रूट, कटहल, सीताफल, टमाटर और खीरा जैसे फल-सब्जियों का भी बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। वहीं, महुआ, इमली, औषधीय पौधे और जड़ी-बूटियां जैसे वनोपज भी निर्यात की अपार संभावनाएं रखते हैं।


🌍 मुख्यमंत्री का विजन – किसान सीधे जुड़ेंगे वैश्विक अर्थव्यवस्था से

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि APEDA Regional Office in Raipur केवल एक कार्यालय नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के किसानों को वैश्विक अर्थव्यवस्था से जोड़ने का मिशन है।
उन्होंने भरोसा जताया कि राज्य के किसान, निर्यातक और उद्यमी अंतरराष्ट्रीय कृषि बाजारों में नई पहचान बनाएंगे।

मुख्यमंत्री ने इस कार्यालय को मंजूरी देने के लिए केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल का आभार भी व्यक्त किया।


🤝 राज्य सरकार का पूर्ण सहयोग

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित कई गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी में हुए इस उद्घाटन ने यह संदेश दिया कि राज्य सरकार कृषि और ऑर्गेनिक उत्पादों के निर्यात को शीर्ष प्राथमिकता दे रही है।


APEDA Regional Office in Raipur के शुरू होने से छत्तीसगढ़ अब केवल “धान का कटोरा” नहीं, बल्कि वैश्विक कृषि निर्यात का मजबूत खिलाड़ी बनने की ओर बढ़ चला है। इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी और राज्य की पहचान अंतरराष्ट्रीय बाजारों में और मजबूत होगी।

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