Chhattisgarh High Court: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक कड़े और ऐतिहासिक आदेश में स्पष्ट कर दिया है कि
अदालतें न्याय के मंदिर हैं, न कि नारेबाजी और दबाव की राजनीति के मंच।

Chhattisgarh High Court courtroom disruption मामले में हाईकोर्ट ने उन दो व्यक्तियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी, जिन पर आरोप है कि उन्होंने कोर्टरूम में घुसकर नारे लगाए, आरोपी को धमकाया और पुलिस कर्मियों से हाथापाई की।

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने इस दौरान कहा:

“कोर्ट परिसर एक गरिमामय, तटस्थ और पवित्र स्थान है।
यहां किसी भी तरह का प्रदर्शन, विरोध या अवैध जमावड़ा स्वीकार्य नहीं है।”


⚖️ क्या है पूरा मामला?

15 नवंबर 2025 को कथावाचक आशुतोष चैतन्य को सतनामी समाज के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
उन्हें जब बिलासपुर कोर्ट में पेश किया गया, तभी अचानक एक भीड़ कोर्ट परिसर में घुस गई।

आरोप है कि:

  • नारेबाजी की गई
  • आरोपी को धमकाया गया
  • पुलिस को काम से रोका गया
  • कोर्ट की कार्यवाही बाधित हुई

इसके बाद पुलिस ने कई गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की।

यह पूरा घटनाक्रम Chhattisgarh High Court courtroom disruption के रूप में सामने आया।


🚨 हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि:

  • अदालत में अवैध जमावड़ा न्याय प्रक्रिया को बाधित करता है
  • इससे वकीलों, न्यायाधीशों और आम लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है
  • अगर ऐसे कृत्य बर्दाश्त किए गए तो कानून व्यवस्था चरमरा जाएगी
  • कोई भी व्यक्ति “विरोध” के नाम पर कानून अपने हाथ में नहीं ले सकता

इसलिए कोर्ट ने कहा कि
ऐसे मामलों में अग्रिम जमानत देना समाज को गलत संदेश देगा।


🧾 आरोपियों की दलीलें खारिज

आरोपियों ने कहा था कि:

  • वे वहां निजी काम से गए थे
  • वीडियो में उनकी मौजूदगी नहीं दिखती
  • एफआईआर राजनीतिक दबाव में दर्ज हुई

लेकिन राज्य सरकार ने बताया कि:

  • दोनों आरोपी भीड़ का हिस्सा थे
  • पुलिस से झड़प हुई
  • एक आरोपी पर पहले से 6 आपराधिक केस हैं

कोर्ट ने इन तथ्यों को गंभीर मानते हुए जमानत से इनकार कर दिया।


🛡️ कानून के मंदिर की रक्षा जरूरी

यह फैसला सिर्फ दो लोगों की जमानत का मामला नहीं है,
बल्कि यह पूरे देश को संदेश देता है कि:

“कोर्टरूम लोकतंत्र का आखिरी किला है,
यहां डर, दबाव और हिंसा की कोई जगह नहीं।”

Chhattisgarh High Court courtroom disruption केस ने यह साफ कर दिया है कि
न्याय व्यवस्था से टकराने वालों के लिए कानून बेहद सख्त रहेगा।


Leave a Reply

Trending

Discover more from Aaj Ki Janta

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading