Chhattisgarh News
Gariaband Maoist Surrender: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में नक्सल विरोधी अभियान को अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक सफलता मिली है। जिले में सक्रिय सीनापाली-एसडीके-सोनाबेड़ा-धरमबंधा-कुलीभीतर कमेटी के सभी सदस्य एक साथ मुख्यधारा में लौट आए हैं।
इस सामूहिक Gariaband Maoist Surrender के साथ ही इलाके में फैला एक बड़ा नक्सली नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त हो गया है।


🛡️ पुलिस की दोहरी रणनीति ने बदला हालात

गरियाबंद में पुलिस की प्रहार और पुनर्वास की नीति लगातार असर दिखा रही है।
अब तक—

  • मुठभेड़ों में 31 नक्सली मारे जा चुके हैं
  • सोमवार को 9 सक्रिय नक्सलियों ने हथियारों सहित आत्मसमर्पण किया

इनमें कई बड़े कैडर और इनामी नक्सली शामिल हैं, जो अब सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सम्मानजनक जीवन जीने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।


💔 परिजनों की अपील बनी बदलाव की वजह

इस ऐतिहासिक सरेंडर के पीछे एक भावनात्मक कहानी भी है।
रविवार को सोशल मीडिया पर बलदेव और उषा के परिजनों के वीडियो वायरल हुए, जिनमें वे अपने बच्चों से घर लौटने की मार्मिक अपील कर रहे थे।

इसके साथ ही, पहले सरेंडर कर चुके सुनील, जानसी और दीपक ने भी वीडियो संदेश जारी कर अपने पुराने साथियों से हिंसा छोड़ने का आग्रह किया।
अपनों की इस पुकार ने नक्सलियों को झकझोर दिया और उन्होंने हथियार डालने का फैसला किया।


🔫 AK-47 के साथ सरेंडर, 6 महिला नक्सली भी शामिल

हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करने वाले 9 नक्सलियों में—

  • 6 महिला और 3 पुरुष नक्सली शामिल हैं
  • 3 नक्सलियों के पास AK-47 राइफल थी

इनामी पुरुष नक्सली

  • बलदेव (DBCM) – 8 लाख इनाम, 19 साल से सक्रिय (AK-47)
  • डमरू (DBCM) – 8 लाख इनाम, ओडिशा निवासी (AK-47)
  • रंजीत (AC सचिव) – 8 लाख इनाम

👩‍🦰 इन इनामी महिला नक्सलियों ने भी छोड़ी हिंसा

  • अंजू (DBCM) – 8 लाख इनाम, 16 साल से सक्रिय (AK-47)
  • सोनी (AC सचिव) – 8 लाख इनाम
  • पार्वती (ACM) – 5 लाख इनाम
  • रत्ना (ACM) – 5 लाख इनाम
  • नविता (PM) – 1 लाख इनाम
  • सरुपा (PM) – 1 लाख इनाम

🌲 अब जंगल में सिर्फ सीतानदी कमेटी शेष

सीनापाली कमेटी के खात्मे के बाद अब क्षेत्र में केवल सीतानदी कमेटी के कुछ सदस्य शेष हैं—

  • ज्योति
  • रामदास
  • उमा (DBCM सदस्य)

इन तीनों पर भी 8-8 लाख रुपये का इनाम घोषित है। पुलिस को उम्मीद है कि वे भी जल्द ही आत्मसमर्पण करेंगे।


Gariaband Maoist Surrender केवल एक पुलिस कार्रवाई नहीं, बल्कि यह साबित करता है कि
संवेदनशील रणनीति, पुनर्वास नीति और मानवीय अपील से हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटना संभव है
गरियाबंद में नक्सलवाद अब अंतिम सांसें गिन रहा है।

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