रायपुर, 21 जनवरी 2026।

Raipur Literature Festival 2026: छत्तीसगढ़ की साहित्यिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक परंपरा को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने के उद्देश्य से रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का भव्य आयोजन 23, 24 और 25 जनवरी को अटल नगर, नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में किया जा रहा है। तीन दिवसीय यह उत्सव साहित्य, संस्कृति और विचार-विमर्श का सशक्त मंच बनेगा, जिसमें देश-प्रदेश के ख्यातिप्राप्त लेखक, कवि, विचारक, बुद्धिजीवी और साहित्य प्रेमी बड़ी संख्या में सहभागिता करेंगे।


उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथित्व: राज्यसभा उपसभापति श्री हरिवंश

उत्सव का उद्घाटन 23 जनवरी 2026 को राज्यसभा उपसभापति श्री हरिवंश के मुख्य आतिथ्य में होगा। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय करेंगे। अति विशिष्ट अतिथि में डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, श्री विजय शर्मा, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय, वर्धा की कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा और रंगकर्मी एवं अभिनेता श्री मनोज जोशी शामिल होंगे।


सांस्कृतिक संध्या में ‘चाणक्य’ नाटक का मंचन

उद्घाटन दिवस की सांस्कृतिक संध्या में पद्मश्री से सम्मानित अभिनेता श्री मनोज जोशी द्वारा बहुचर्चित नाटक ‘चाणक्य’ का मंचन किया जाएगा। श्री जोशी के सशक्त और जीवंत अभिनय ने दर्शकों को आचार्य चाणक्य की भूमिका में पूरी तरह मंत्रमुग्ध कर दिया। यह नाटक समकालीन समस्याओं और उनके समाधान को प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत करते हुए भारतीय साहित्य और संस्कृति की गहराई को दर्शाता है।


साहित्यिक कार्यक्रम और लेखक सहभागिता

रायपुर साहित्य उत्सव में लगभग 120 ख्यातिप्राप्त लेखक, कवि और बुद्धिजीवी तीन दिनों में कुल 42 सत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इन सत्रों में सामाजिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक विषयों पर गहन विचार-विमर्श होगा।

  • लेखिका एवं पत्रकार सुश्री शिखा वार्ष्णेय
  • लेखक एवं कवि श्री कमलेश कमल
  • नवगीत के शिखर पुरुष डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र
    इन सभी की रचनाएँ श्रोताओं को भावविभोर करेंगी।

प्रमुख साहित्यकार और शिक्षाविदों की गरिमामयी उपस्थिति

साहित्यिक सत्रों में शामिल होंगे:

  • मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी के संचालक श्री विकास दवे
  • सुप्रसिद्ध लेखक श्री अजय के. पांडे
  • उपन्यासकार श्रीमती इंदिरा दांगी
  • लेखिका सुश्री सोनाली मिश्र
  • हिन्दी साहित्य विदुषी श्रीमती जयश्री रॉय
  • फोटोग्राफर एवं लेखक डॉ. कायनात काज़ी
  • लेखक-वक्ता श्री अनिल पांडेय

छत्तीसगढ़ी कवियों और लोकगीतों की विशेष प्रस्तुति

छत्तीसगढ़ी कविता और लोकगीत के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। प्रमुख कवियों में शामिल हैं:

  • श्री रामेश्वर वैष्णव, श्री रामेश्वर शर्मा, श्री मीर अली मीर, श्रीमती शशि सुरेंद्र दुबे
    लोकगीत सत्र में प्रस्तुति देंगे: डॉ. पी.सी. लाल यादव, श्रीमती शकुंतला तरार, श्री बिहारीलाल साहू, डॉ. विनय कुमार पाठक

साहित्यिक मंडपों का नामकरण और विशेष कार्यक्रम

  • मुख्य मंडप का नाम ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता स्व. विनोद कुमार शुक्ल के नाम पर रखा गया।
  • अन्य मंडप पं. श्यामलाल चतुर्वेदी, लाला जगदलपुरी और अनिरुद्ध नीरव के नाम पर।
  • पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में 24 जनवरी को विशेष काव्य-पाठ आयोजित होगा।

राष्ट्रीय चिंतक, विचारक और शिक्षाविदों का संवाद

  • राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी
  • राष्ट्रवादी चिंतक डॉ. प्रभात कुमार
  • प्रख्यात बुद्धिजीवी श्री जे. नंदकुमार
    सभी विभिन्न विषयों पर बौद्धिक संवाद में हिस्सा लेंगे।
  • शिक्षाविदों में वर्धा विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा, आईआईएम अहमदाबाद निदेशक डॉ. भारत भास्कर, आईआईएमसी पूर्व महानिदेशक डॉ. संजय द्विवेदी, पटना विश्वविद्यालय प्रो. डॉ. गुरु प्रकाश पासवान और जेएनयू की डॉ. अंशु जोशी शामिल हैं।

पत्रकारिता, सिनेमा और डिजिटल युग पर विशेष सत्र

  • डिजिटल युग और एआई विषय पर सत्र: “डिजिटल युग के लेखक और पाठक” और “उपनिषद से एआई तक : साहित्य की यात्रा”
  • पत्रकारिता एवं सिनेमा पर सत्र में श्री अनुराग बसु, श्री मनोज वर्मा, श्रीमती रुबिका लियाकत और श्री हर्षवर्धन त्रिपाठी उपस्थित रहेंगे।

आयोजन स्थल पर पंजीकरण की सुविधा

अब तक 10,000 से अधिक साहित्य प्रेमियों ने पंजीकरण कराया है। इच्छुक प्रतिभागी आयोजन स्थल पर भी पंजीकरण कर सकते हैं

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