रायपुर, 22 जनवरी।
Chhattisgarh Sahu Samaj Pre Wedding Photoshoot Ban: छत्तीसगढ़ के प्रभावशाली और आर्थिक रूप से सशक्त साहू समाज ने एक अहम सामाजिक फैसला लेते हुए प्री-वेडिंग फोटोशूट पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय किया है। राज्य की लगभग 21 प्रतिशत आबादी वाले इस समाज ने इसे फिजूलखर्ची और विकृत सामाजिक प्रवृत्ति करार दिया है।

यह निर्णय 17 जनवरी को रायपुर में आयोजित साहू समाज संघ की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।


🏛️ बैठक में क्या हुआ फैसला?

बैठक में प्रदेश भर से आए सभी जिला इकाइयों के अध्यक्ष मौजूद थे।
साहू समाज संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू ने बताया कि समाज ने तय किया है कि—

“प्री-वेडिंग फोटोशूट हमारी संस्कृति और मूल्यों के खिलाफ है। यह दिखावे और अनावश्यक खर्च को बढ़ावा देता है, जिसे अब रोका जाएगा।”

उन्होंने कहा कि समाज अब अपनी पारंपरिक संस्कृति और सामाजिक मर्यादाओं के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाएगा।


📸 क्यों लगाया गया प्री-वेडिंग फोटोशूट पर प्रतिबंध?

समाज के अनुसार,

  • प्री-वेडिंग फोटोशूट से दिखावा और सामाजिक प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है
  • इससे मध्यम और गरीब परिवारों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ता है
  • यह परंपरागत विवाह मूल्यों को कमजोर कर रहा है

डॉ. साहू ने इसे “विकृत और परंपरा-विरोधी प्रवृत्ति” बताया।


💔 बढ़ते वैवाहिक विवाद भी बने चिंता का कारण

साहू समाज ने यह भी चिंता जताई कि बीते कुछ वर्षों में
➡️ वैवाहिक विवाद और तलाक के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है।

समाज के पास हजारों आवेदन ऐसे पहुंचे हैं, जिनमें दांपत्य विवाद और तलाक की मांग की गई है।
इसी कारण समाज ने विशेष रूप से युवा पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने की पहल शुरू की है।


📝 पंचायत स्तर पर विवाह पंजीकरण की योजना

समाज अब एक और बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है।
डॉ. नीरेंद्र साहू के अनुसार—

  • समाज पंचायत स्तर पर विवाह पंजीकरण की व्यवस्था विकसित करेगा
  • इससे विवाह को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाया जा सकेगा
  • सामाजिक अनुशासन और पारिवारिक स्थिरता को बल मिलेगा

Chhattisgarh Sahu Samaj Pre Wedding Photoshoot Ban का फैसला केवल एक सामाजिक रोक नहीं, बल्कि परंपरा, सादगी और सांस्कृतिक मूल्यों को फिर से स्थापित करने की कोशिश है। यह निर्णय आने वाले समय में अन्य समाजों के लिए भी एक मिसाल बन सकता है।

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