दुर्ग।
Durg water pollution: राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पेयजल स्रोतों की सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। न्यायमूर्ति शेओ कुमार सिंह की पीठ ने नगर निगम, दुर्ग को आदेश दिया है कि शिवनाथ नदी में गिरने वाले नालों पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का निर्माण तुरंत शुरू किया जाए।

▶ सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पर निर्देश

पीठ ने कहा कि जब तक STP पूरी तरह से चालू नहीं हो जाते, परंपरागत अपशिष्ट जल उपचार तकनीक अपनाई जाए ताकि untreated wastewater सीधे नदी में न गिरे। STP का निर्माण छह माह के भीतर पूरा किया जाना है और पूरा होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट NGT को जमा करनी होगी।

▶ वायु प्रदूषण पर विशेष ध्यान

NGT ने छत्तीसगढ़ में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए भी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। एक चार सदस्यीय संयुक्त समिति को राज्य में उठाए गए कदमों की जानकारी जमा करने और Graded Response Action Plan (GRAP) तैयार करने का काम सौंपा गया है।
यह योजना विशेष रूप से रायपुर जैसे प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों में लागू होगी, जहां Air Quality Index (AQI) निर्धारित सीमा से ऊपर जाने पर आवश्यक प्रतिबंध लगाए जाएंगे।

▶ उत्तर प्रदेश में हॉस्पिटैलिटी उद्योग पर निगरानी

सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि NGT ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में भी निर्देश दिए हैं। यहाँ होटल, रेस्टोरेंट और मॉल जैसी हॉस्पिटैलिटी इकाइयों को Water और Air Acts के तहत आवश्यक अनुमतियां हासिल करनी होंगी।
संबंधित विभाग को संख्या, लंबित या अस्वीकृत आवेदन और बंद आदेशों की रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

▶ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम

NGT का यह आदेश यह सुनिश्चित करता है कि जल और वायु प्रदूषण पर राज्यों द्वारा प्रभावी निगरानी और नियंत्रण किया जाए। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की पहल से नागरिकों को साफ पानी और शुद्ध हवा मिलने में मदद मिलेगी और नदी-नालों की सफाई में भी सुधार आएगा।

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