गरियाबंद (छत्तीसगढ़)।

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले (Gariaband violence) में रविवार शाम उस वक्त हालात बेकाबू हो गए, जब जमानत पर रिहा हुए मंदिर मूर्ति तोड़फोड़ मामले के आरोपियों पर ग्रामीणों से मारपीट का आरोप लगा। इस घटना के बाद दो समुदायों के बीच जमकर हिंसा हुई, जिसमें 5 से 6 पुलिसकर्मी घायल हो गए।

📍 कहां की है घटना?

यह पूरी घटना फिंगेश्वर थाना क्षेत्र के दूधकैय्या गांव और आसपास के इलाकों की है। पुलिस के अनुसार, हालात बिगड़ते देख अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा।

⚖️ क्या है पूरा मामला?

पुलिस ने बताया कि करीब एक साल पहले गांव के एक मंदिर में मूर्ति तोड़फोड़ के मामले में आरिफ सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। हाल ही में वे जमानत पर रिहा हुए थे।

ग्रामीणों का आरोप है कि जमानत के बाद आरोपी लगातार गवाहों को धमका रहे थे और गांव में भय का माहौल बना रहे थे।

🔨 हमले से भड़की हिंसा

रविवार सुबह आरोपियों ने कथित तौर पर 4 से 6 युवकों पर लोहे की रॉड से हमला किया। आरोप था कि ये युवक पुलिस में शिकायत कर रहे थे।
इस हमले के बाद गांव में तनाव तेजी से फैल गया और शाम होते-होते दो समुदाय आमने-सामने आ गए।

🔥 घरों और वाहनों में आगजनी

घटना से नाराज ग्रामीणों ने आरोपियों के घरों को घेरकर आग के हवाले कर दिया। इसके साथ ही कुछ वाहनों को भी जला दिया गया। हालात संभालने पहुंची पुलिस पर पत्थर और ईंटें फेंकी गईं, जिससे कई जवान घायल हो गए।

👮 पुलिस का बयान

गरियाबंद के पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने बताया कि

“हमले में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। स्थिति अब नियंत्रण में है और लगातार निगरानी की जा रही है।”

🚔 हालात सामान्य, लेकिन निगरानी जारी

फिलहाल गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने को कहा है।

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