रायपुर।

Amit Shah Chhattisgarh visit: छत्तीसगढ़ की सियासत और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह तीन दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। उनका यह दौरा कई मायनों में बेहद अहम माना जा रहा है।
एक ओर जहां नक्सलवाद पर हाई लेवल बैठक के जरिए सुरक्षा रणनीति पर मंथन होगा, वहीं दूसरी ओर बस्तर पंडूम जैसे सांस्कृतिक आयोजन के माध्यम से जमीनी स्तर पर शांति और विकास का संदेश भी दिया जाएगा।

गृह मंत्रालय की ओर से अमित शाह के दौरे का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम जारी कर दिया गया है, जिससे प्रशासनिक और सुरक्षा तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।


7 फरवरी: रायपुर आगमन, कोई सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 7 फरवरी को शाम 4:40 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। एयरपोर्ट पर स्वागत के बाद वे सीधे निजी होटल के लिए रवाना होंगे।
पहले दिन उनका कोई सार्वजनिक या राजनीतिक कार्यक्रम तय नहीं है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार वे इसी दिन वरिष्ठ अधिकारियों से अनौपचारिक चर्चा कर सकते हैं। रात्रि विश्राम भी निजी होटल में ही होगा।


8 फरवरी: नक्सलवाद पर हाई लेवल मीटिंग, पूरे दिन मंथन

8 फरवरी का दिन छत्तीसगढ़ के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सुबह 11:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक अमित शाह नक्सलवाद को लेकर हाई लेवल मीटिंग की अध्यक्षता करेंगे।

इस बैठक में छत्तीसगढ़ सहित अन्य नक्सल प्रभावित राज्यों की सुरक्षा स्थिति, चल रहे अभियानों और भविष्य की रणनीति पर विस्तृत चर्चा होगी। माना जा रहा है कि आने वाले महीनों के लिए बड़े और निर्णायक फैसले इसी बैठक में लिए जा सकते हैं।

इसके बाद शाम 5:00 बजे से 6:10 बजे तक अमित शाह “Shifting the Lens” थीम पर आयोजित राष्ट्रीय कॉनक्लेव में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम नीति, सुरक्षा और विकास से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रहेगा।
कार्यक्रम के बाद वे पुनः निजी होटल लौटेंगे।


9 फरवरी: बस्तर पंडूम से आदिवासी संस्कृति और शांति का संदेश

दौरे के अंतिम दिन यानी 9 फरवरी को अमित शाह सुबह 11:00 बजे विशेष विमान से रायपुर से दंतेश्वरी एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे।
वहां से सड़क मार्ग से वे बस्तर पंडूम के आयोजन स्थल पहुंचेंगे।

दोपहर 12:05 बजे से शाम 4:00 बजे तक वे बस्तर पंडूम के समापन समारोह में शामिल रहेंगे। इस दौरान आदिवासी संस्कृति, विकास और शांति का मजबूत संदेश दिया जाएगा।
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद शाम 4:20 बजे वे जगदलपुर से दिल्ली के लिए रवाना होंगे।


सुरक्षा से संस्कृति तक, दौरे के कई मायने

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का यह दौरा केवल औपचारिक नहीं माना जा रहा है।
नक्सलवाद पर सख्त रुख, जमीनी हालात की समीक्षा और बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में सांस्कृतिक मंच से दिया जाने वाला संदेश—इन तीनों पहलुओं पर पूरे प्रदेश की नजर टिकी हुई है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह दौरा आने वाले समय में छत्तीसगढ़ की सुरक्षा नीति और विकास की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

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