छत्तीसगढ़ में राजस्व प्रशासन से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। Chhattisgarh Bhu Abhilekh Niyamawali Book Release के अवसर पर आज राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने अपने निवास कार्यालय में भू-अभिलेख नियमावली भाग 1 से 4 पुस्तक का विधिवत विमोचन किया।

यह पुस्तक श्री उमेश पटेल और श्री श्रीकांत वर्मा द्वारा लिखी गई है, जिसमें छत्तीसगढ़ राजस्व विभाग के सर्कुलर और आदेशों का व्यवस्थित संकलन किया गया है।


क्यों जरूरी थी नई भू-अभिलेख नियमावली?

अब तक बाजार में उपलब्ध पुस्तकें मध्यप्रदेश के लेखक और प्रकाशकों द्वारा प्रकाशित थीं। इसलिए उनमें मध्यप्रदेश शासन के सर्कुलर और आदेश शामिल थे, जबकि छत्तीसगढ़ राज्य से संबंधित अद्यतन आदेश उपलब्ध नहीं थे।

इसी कमी को दूर करने के उद्देश्य से यह नई नियमावली तैयार की गई है। खास बात यह है कि वर्ष 2000 के बाद मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी वे सर्कुलर, जो छत्तीसगढ़ में लागू नहीं हैं, उन्हें इस पुस्तक में शामिल नहीं किया गया है।

इस तरह यह पुस्तक पूरी तरह छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।


अध्याय-वार अद्यतन सर्कुलर की सुविधा

इस पुस्तक में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी अद्यतन सर्कुलर को अध्याय-वार संकलित किया गया है। इससे अधिकारियों को नियमों की जानकारी एक ही स्थान पर आसानी से मिल सकेगी।

परिशिष्ट के रूप में निम्न महत्वपूर्ण विषयों को भी शामिल किया गया है:

  • सर्वे से संबंधित निर्देश
  • राजस्व वन भूमि के अभिलेख
  • गिरदावरी
  • डिजिटल क्रॉप सर्वे
  • इकाई परिवर्तन
  • विषय से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न
  • शब्दार्थ एवं व्याख्या

इस व्यापक सामग्री के कारण यह पुस्तक राजस्व विभाग के लिए एक उपयोगी संदर्भ ग्रंथ बन गई है।


प्रशासनिक पारदर्शिता और दक्षता को मिलेगा बढ़ावा

राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने विमोचन के अवसर पर कहा कि यह नियमावली छत्तीसगढ़ के राजस्व तंत्र को और अधिक पारदर्शी और सशक्त बनाएगी। अब अधिकारियों को अद्यतन आदेशों के लिए अलग-अलग स्रोतों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

दरअसल, जमीन से जुड़े मामलों में सटीक और अद्यतन जानकारी बेहद आवश्यक होती है। ऐसे में यह पुस्तक राजस्व अधिकारियों, अधिवक्ताओं और विद्यार्थियों के लिए भी लाभकारी साबित होगी।


कहां उपलब्ध होगी पुस्तक?

छत्तीसगढ़ विशेष के लिए तैयार की गई यह नियमावली पुस्तक बाजार में उपलब्ध होगी। इसके अलावा इसे ऑनलाइन माध्यम से भी खरीदा जा सकेगा। पुस्तक अमेजन और जेम पोर्टल पर भी उपलब्ध रहेगी।


Chhattisgarh Bhu Abhilekh Niyamawali Book Release केवल एक पुस्तक का विमोचन नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के राजस्व प्रशासन को व्यवस्थित और अद्यतन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे राज्य के अधिकारियों को स्पष्ट मार्गदर्शन मिलेगा और आम नागरिकों को भी अप्रत्यक्ष रूप से लाभ होगा।

राज्य शासन की पारदर्शिता और सुशासन की प्रतिबद्धता को यह पहल और मजबूत करती है।

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