Election Commission of India ने 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव की घोषणा कर दी है। इसी क्रम में Rajya Sabha Elections 2026 Chhattisgarh के तहत राज्य की दो सीटों पर 16 मार्च को मतदान होगा।

छत्तीसगढ़ में यह चुनाव राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इस बार विधानसभा का गणित पहले से अलग है।


2 अप्रैल को खाली होंगी दोनों सीटें

छत्तीसगढ़ से कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य केटीएस तुलसी और फूलो देवी नेताम का कार्यकाल 2 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। दोनों को वर्ष 2020 में चुना गया था।

केटीएस तुलसी संवैधानिक और कानूनी मुद्दों पर अपनी मुखर भूमिका के लिए जाने जाते रहे हैं। वहीं, फूलो देवी नेताम बस्तर क्षेत्र से आने वाली गिनी-चुनी आदिवासी आवाजों में शामिल रही हैं, जिन्होंने उच्च सदन में क्षेत्रीय मुद्दों को उठाया।


चुनाव कार्यक्रम: 26 फरवरी से प्रक्रिया शुरू

चुनाव आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार:

  • 26 फरवरी: अधिसूचना जारी
  • 5 मार्च: नामांकन की अंतिम तिथि
  • 6 मार्च: नामांकन पत्रों की जांच
  • 9 मार्च: नाम वापसी की अंतिम तिथि
  • 16 मार्च: सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान
  • 16 मार्च शाम: मतगणना
  • 20 मार्च तक: पूरी प्रक्रिया संपन्न
  • 3 अप्रैल से: नवनिर्वाचित सदस्य कार्यभार ग्रहण करेंगे

इस प्रकार Rajya Sabha Elections 2026 Chhattisgarh का पूरा कार्यक्रम तय हो चुका है।


बदले समीकरण में बीजेपी को बढ़त

वर्ष 2020 में जब पिछला चुनाव हुआ था, तब विधानसभा में कांग्रेस का दबदबा था। लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है।

90 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के पास 54 सीटें हैं। ऐसे में Rajya Sabha Elections 2026 Chhattisgarh में एक सीट पर बीजेपी का पलड़ा भारी माना जा रहा है।

दूसरी सीट के लिए राजनीतिक रणनीति, क्रॉस वोटिंग की आशंका और दलों की एकजुटता अहम भूमिका निभा सकती है।


क्या फूलो देवी नेताम फिर बनेंगी उम्मीदवार?

फूलो देवी नेताम हाल के वर्षों में बस्तर से राज्यसभा पहुंचने वाली प्रमुख आदिवासी चेहरा रही हैं। पार्टी के भीतर कुछ नेता उन्हें दोबारा मौका देने के पक्ष में बताए जा रहे हैं, ताकि आदिवासी प्रतिनिधित्व बना रहे।

हालांकि, अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व को करना है। इस बार उम्मीदवार चयन में जातीय समीकरण, क्षेत्रीय संतुलन और संगठन के प्रति निष्ठा जैसे कारक महत्वपूर्ण रहेंगे।


स्थानीय बनाम बाहरी चेहरा: पुरानी बहस फिर तेज

Rajya Sabha Elections 2026 Chhattisgarh के साथ एक पुरानी बहस फिर उभर आई है—क्या राज्यसभा की सीटें स्थानीय नेताओं को मिलनी चाहिए या राष्ट्रीय स्तर के चेहरों को?

कांग्रेस ने अतीत में कई बार राज्य के बाहर के नेताओं को राज्यसभा भेजा है। वहीं, भाजपा ने अधिकतर स्थानीय नेताओं को प्राथमिकता दी है।

इस बार भी यह मुद्दा राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।


आगे क्या?

अब फोकस उम्मीदवारों की घोषणा पर है। जैसे-जैसे नाम सामने आएंगे, सियासी सरगर्मी और तेज होगी।

साफ है कि Rajya Sabha Elections 2026 Chhattisgarh केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि राज्य की बदलती राजनीति का आईना भी है।

आने वाले दिनों में यह चुनाव यह तय करेगा कि उच्च सदन में छत्तीसगढ़ की आवाज किस दिशा में जाएगी।

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