छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में Chhattisgarh Dharm Wapasi कार्यक्रम के तहत एक बड़ा आयोजन किया गया। कुल्हीडोंगरी गांव में आयोजित इस कार्यक्रम में 140 आदिवासी पुरुषों और महिलाओं ने हिंदू धर्म में वापसी की। कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ धर्म वापसी की प्रक्रिया पूरी की गई।

इस अवसर पर भाजपा विधायक भावना बोहरा मुख्य रूप से मौजूद रहीं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया और कई लोगों के पैर धोकर तथा माला पहनाकर उनका सम्मान किया।


वैदिक मंत्रों के बीच संपन्न हुआ कार्यक्रम

Chhattisgarh Dharm Wapasi कार्यक्रम के दौरान धार्मिक विधि-विधान का विशेष ध्यान रखा गया। सबसे पहले मंत्रोच्चार किया गया, इसके बाद प्रतिभागियों को श्रीफल भेंट किया गया और माथे पर तिलक लगाकर घर वापसी की प्रक्रिया पूरी की गई।

आयोजकों के अनुसार, सभी 140 आदिवासियों ने स्वेच्छा से इस कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने अपनी इच्छा और प्रसन्नता के साथ हिंदू परंपरा में लौटने का निर्णय लिया।

कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और समर्थक भी मौजूद रहे, जिससे माहौल पूरी तरह धार्मिक और भावनात्मक हो गया।


विधायक भावना बोहरा ने दिया आश्वासन

Chhattisgarh Dharm Wapasi कार्यक्रम में विधायक भावना बोहरा ने कहा कि यह सांस्कृतिक पुनर्स्थापना का प्रयास है। उन्होंने धर्म वापसी करने वाले परिवारों को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।

कार्यक्रम के दौरान जब उन्होंने महिलाओं और बुजुर्गों के पैर धोए, तो कई लोगों की आंखें नम हो गईं। ग्रामीणों ने इसे सम्मान और अपनत्व का प्रतीक बताया।


कबीरधाम और धर्मांतरण का मुद्दा

कबीरधाम जिला पहले भी धार्मिक गतिविधियों और धर्मांतरण से जुड़े मामलों को लेकर चर्चा में रहा है। छत्तीसगढ़ में धर्म परिवर्तन से संबंधित कानूनी प्रावधान मौजूद हैं, जिनके तहत प्रशासनिक सूचना और अनुमति अनिवार्य मानी जाती है।

राज्य की राजनीति में धर्मांतरण एक अहम मुद्दा रहा है। भाजपा और संघ से जुड़े संगठनों द्वारा आदिवासी समुदाय के जबरन धर्म परिवर्तन के मामलों को लगातार उठाया जाता रहा है। ऐसे में Chhattisgarh Dharm Wapasi कार्यक्रम को भाजपा समर्थकों ने सांस्कृतिक पहचान की पुनर्स्थापना के रूप में देखा है।

हालांकि, इस पूरे मामले में अब तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।


Chhattisgarh Dharm Wapasi कार्यक्रम ने एक बार फिर राज्य में धर्मांतरण और आदिवासी समुदाय के धार्मिक अधिकारों के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। कुल्हीडोंगरी गांव में आयोजित यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से भी इसका असर देखा जा रहा है।

आने वाले दिनों में इस विषय पर प्रशासन और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया पर भी नजर बनी रहेगी।

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