Eye Donation Durg ने शोक की घड़ी को सेवा के संकल्प में बदल दिया। दुर्ग के पद्मनाभपुर निवासी श्री नेमीचंद जैन के निधन के बाद उनके परिवार ने नेत्रदान का निर्णय लिया। इस निर्णय से दो नेत्रहीन व्यक्तियों को नई रोशनी मिलेगी। परिवार दुख में डूबा था। फिर भी उन्होंने समाज के प्रति अपना कर्तव्य निभाया। यह कदम संवेदनशीलता और सामाजिक प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण बन गया।


जैन परिवार का प्रेरणादायी संकल्प

Eye Donation Durg के तहत श्री नेमीचंद जैन के निधन उपरांत उनके परिवार ने सहमति दी। उनकी धर्मपत्नी श्रीमती शारदा देवी, पुत्र विनोद जैन, पुत्रियाँ स्वीटी वैद, श्वेता नाहर, दीपाली छाजेड़, पौत्र रचित जैन और पौत्री रुचिका गोलेछा ने मिलकर यह निर्णय लिया।

श्री शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज की टीम ने घर पहुंचकर कॉर्निया संकलित किए। डॉ. संदीप बचकर, डॉ. निवेश, डॉ. श्रीया पंजवानी और डॉ. अंजलि कश्यप ने पूरी प्रक्रिया पूरी की।

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विनोद जैन ने कहा कि पिता के निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा है। फिर भी उन्होंने समाज के प्रति अपना दायित्व निभाया। उन्होंने कहा कि पिता की आंखों से दो परिवारों को नई ज्योति मिलेगी। यही हमारे लिए सच्चा संतोष है।

नवदृष्टि फाउंडेशन के प्रवीण तिवारी और अन्य सदस्यों ने पूरी व्यवस्था संभाली। उन्होंने इस निर्णय को समाज के लिए अनुकरणीय बताया।


सामाजिक सेवा से जुड़ा परिवार

जैन परिवार दुर्ग में सेवाभावी परिवार के रूप में जाना जाता है। श्री विनोद जैन जिला शिक्षण समिति और नवदृष्टि फाउंडेशन से जुड़े हैं। वे समय-समय पर नेत्रदान के लिए समाज को प्रेरित करते रहे हैं।

निधन के बाद परिवार ने उसी विचारधारा को आगे बढ़ाया। इसलिए Eye Donation Durg केवल एक प्रक्रिया नहीं रही। यह एक संदेश बन गई।

इस अवसर पर समाज और व्यापार जगत के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार के निर्णय की सराहना की।

नेत्रदान से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए भारत सरकार के स्वास्थ्य पोर्टल https://www.mohfw.gov.in पर विवरण उपलब्ध है। साथ ही नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन की जानकारी https://www.notto.mohfw.gov.in पर देखी जा सकती है।


Eye Donation Durg के मुख्य बिंदु

  • नेमीचंद जैन के निधन के बाद नेत्रदान संपन्न।
  • दो नेत्रहीनों को कॉर्निया प्रत्यारोपण से लाभ मिलेगा।
  • श्री शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज की टीम ने कॉर्निया संकलित किए।
  • नवदृष्टि फाउंडेशन ने पूरी व्यवस्था संभाली।
  • समाज के लोगों ने परिवार के निर्णय की सराहना की।

सामाजिक प्रतिक्रिया

Eye Donation Durg ने शहर में सकारात्मक संदेश दिया। लोगों ने कहा कि दुख की घड़ी में लिया गया यह निर्णय साहसिक है।

प्रवीण तिवारी ने कहा कि जैन परिवार समाज का प्रतिष्ठित परिवार है। उन्होंने हमेशा सामाजिक कार्यों में सहयोग दिया है। इसलिए यह निर्णय आश्चर्यजनक नहीं है।

कार्यक्रम में बसंत कुमार बैद, मलय जैन, अजय वर्मा, डॉ. प्रफुल गुप्ता, आशीष खंडेलवाल और अन्य लोग उपस्थित रहे। उन्होंने परिवार को सांत्वना दी।

लोगों ने कहा कि ऐसे उदाहरण समाज को जागरूक करते हैं। इससे नेत्रदान के प्रति लोगों की सोच बदलेगी।


Eye Donation Durg ने यह साबित किया कि सेवा का भाव सबसे बड़ा धर्म है। नेमीचंद जैन के नेत्रदान से दो जीवन रोशन होंगे। परिवार ने शोक को संकल्प में बदला। यह निर्णय समाज को प्रेरित करेगा। आने वाले समय में Eye Donation Durg जैसी पहलें जागरूकता बढ़ाएंगी और कई जीवन उजाले से भरेंगी।

One response to “Eye Donation Durg: 2 जीवन रोशन, भावुक निर्णय”

  1. […] यह भी पढ़ें: Eye Donation Durg: 2 जीवन रोशन, प्रेरणादायक फैसला […]

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