Gajendra Yadav ने छत्तीसगढ़ के शिक्षा क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए दुर्ग जिले को मॉडल जिला बनाने की घोषणा की है। 16 अप्रैल 2026 को आयोजित बैठक में उन्होंने शिक्षकों और प्राचार्यों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए।

यह बैठक लोक निर्माण विभाग के सभाकक्ष में आयोजित की गई, जिसमें शिक्षा विभाग के अधिकारी और विभिन्न स्कूलों के प्रधान पाठक उपस्थित रहे।


दुर्ग को मॉडल जिला बनाने की योजना

Gajendra Yadav ने कहा कि दुर्ग जिले को शिक्षा के क्षेत्र में मॉडल बनाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए शिक्षकों और प्राचार्यों को विशेष जिम्मेदारी निभानी होगी।

उन्होंने कहा कि स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा, ताकि छात्रों का भविष्य बेहतर बनाया जा सके।

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Gajendra Yadav: शिक्षा सुधार पर जोर

Gajendra Yadav ने स्कूलों में बच्चों के मानसिक, बौद्धिक और शारीरिक विकास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे पूरी लगन और समर्पण के साथ छात्रों को पढ़ाएं।

उन्होंने यह भी कहा कि प्राथमिक कक्षाओं में बच्चों को ईमला और बारहखड़ी का सही ज्ञान होना चाहिए।


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स्कूलों में निर्माण कार्य और बजट

Gajendra Yadav ने बताया कि दुर्ग विधानसभा क्षेत्र के 68 स्कूलों में 86 निर्माण कार्यों के लिए लगभग 5 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्य और रंग-रोगन का काम गर्मी की छुट्टियों में पूरा कर लिया जाए, ताकि नए सत्र में छात्रों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।


Gajendra Yadav: नई शिक्षा व्यवस्था और नियम

Gajendra Yadav ने शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई नए नियम लागू करने की बात कही।

मुख्य निर्देश:

  • 1 जून से प्रवेश प्रक्रिया शुरू, 20 जून तक पूर्ण
  • स्कूलों में ऑडियो सिस्टम की व्यवस्था
  • राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और सरस्वती वंदना का नियमित अभ्यास
  • महापुरुषों की जीवनी पर आधारित गतिविधियां

इन पहल से छात्रों में अनुशासन और संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।


बच्चों के सर्वांगीण विकास पर फोकस

Gajendra Yadav ने कहा कि हर शनिवार को एक्टिविटी डे के रूप में मनाया जाएगा। इसमें पीटी, योगा, खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियां अनिवार्य होंगी।

उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिया कि वे छात्रों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान दें और शिक्षा के साथ संस्कृति का भी ज्ञान दें।


अंत में, Gajendra Yadav की यह पहल छत्तीसगढ़ के शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है। दुर्ग को मॉडल जिला बनाने का लक्ष्य न केवल शिक्षा स्तर को सुधारने में मदद करेगा, बल्कि छात्रों के समग्र विकास को भी सुनिश्चित करेगा। Gajendra Yadav द्वारा लिए गए ये फैसले आने वाले समय में शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देंगे।

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