Mungeli जिले के लोरमी क्षेत्र में सोमवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध पार्टी के पूर्व प्रदेश प्रभारी Sandeep Pathak के खिलाफ था, जिन्होंने पार्टी छोड़कर भाजपा जॉइन कर ली है।

कार्यकर्ताओं का गुस्सा इतना ज्यादा था कि उन्होंने बटहा गांव स्थित उनके घर पहुंचकर नारेबाजी की और दीवार पर ‘गद्दार’ लिखकर विरोध दर्ज कराया।

Mungeli में संदीप पाठक के खिलाफ नारेबाजी

Mungeli में AAP कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेतृत्व के खिलाफ भी नाराजगी जताई।

कार्यकर्ताओं का कहना है कि संदीप पाठक जैसे बड़े नेता का अचानक पार्टी छोड़ना संगठन के लिए बड़ा झटका है।

AAP ने अपने आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर भी इस विरोध की तस्वीरें साझा की हैं, जिससे यह मुद्दा सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है।

यह भी पढ़ें: Korba में हाईटेंशन टावर पर चढ़ा युवक

📢 छत्तीसगढ़ और देश की हर बड़ी खबर सबसे पहले पाएं — अभी जुड़ें: 👉 https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j

कौन हैं Sandeep Pathak?

Sandeep Pathak आम आदमी पार्टी के प्रमुख रणनीतिकारों में से एक माने जाते रहे हैं। वे पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महासचिव और राज्यसभा सांसद रह चुके हैं।

उन्हें पार्टी का ‘थिंक टैंक’ भी कहा जाता था, क्योंकि उन्होंने कई राज्यों में संगठन विस्तार और चुनावी रणनीति तैयार की।


Mungeli से जुड़ा संदीप पाठक का सफर

Mungeli जिले के बटहा गांव में जन्मे Sandeep Pathak का शुरुआती जीवन एक साधारण किसान परिवार में बीता।

उन्होंने अपनी पढ़ाई लोरमी क्षेत्र से शुरू की और आगे की शिक्षा बिलासपुर में पूरी की। बाद में उन्होंने हैदराबाद और पुणे के प्रतिष्ठित संस्थानों से उच्च शिक्षा प्राप्त की।

इसके बाद वे ब्रिटेन गए और University of Cambridge से पीएचडी की डिग्री हासिल की।

2016 में उन्होंने IIT Delhi में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में काम किया।

AAP के लिए क्यों अहम था यह फैसला

Mungeli से जुड़े संदीप पाठक का आम आदमी पार्टी छोड़ना केवल एक व्यक्तिगत निर्णय नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक बदलाव माना जा रहा है।

उन्होंने 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में पार्टी को भारी जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।

इसके बाद उन्हें राज्यसभा भेजा गया और संगठन महासचिव बनाया गया।

Arvind Kejriwal के करीबी माने जाने वाले पाठक संगठन के अंदर मजबूत पकड़ रखते थे।


Mungeli में राजनीतिक असर और भविष्य

Mungeli सहित पूरे छत्तीसगढ़ में इस घटनाक्रम का असर देखने को मिल सकता है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार:

  • AAP का संगठन कमजोर पड़ सकता है
  • भाजपा को रणनीतिक बढ़त मिल सकती है
  • कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ सकता है

Mungeli में हुआ यह विरोध प्रदर्शन दिखाता है कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की भावनाएं कितनी प्रबल हैं।

Sandeep Pathak का पार्टी छोड़ना न केवल AAP के लिए झटका है, बल्कि छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक नया मोड़ भी ला सकता है।

आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि Mungeli और पूरे राज्य में इस बदलाव का क्या प्रभाव पड़ता है।

One response to “Mungeli में AAP कार्यकर्ताओं का विरोध”

  1. […] यह भी पढ़ें: Mungeli में AAP कार्यकर्ताओं का विरोध […]

Leave a Reply

Trending

Discover more from Aaj Ki Janta

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading